मध्य प्रदेश काग्रेस को अपनी आवश्यकता महसूस करा गये अर्जुन सिंहअवसर था इंदिरा गाधी राष्ट्रीय जनजातीय वि.वि.अमरकंटक, के शिलान्यास का.श्री अर्जुन सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा ''आमतौर मे विश्व वि. की स्थापना बड़े शहरों के आसपास किया जाना स्वाभाविक है। परन्तु हमने यह सब जानते हुए भी इंदिरा गाधी राष्ट्रीयजनजाति वि.वि.की स्थापना जनजातीय क्षेत्र मे करने का निर्णय लिया। इस सोचे समझे निर्णय के पीछे न केवल विकास की दौड मे पिछडे हुए लोगो को उच्च शिक्षा से जोड़ने का ध्येय रहा है ,न केवल इस क्षेत्र के युवा वर्ग के लिए उच्चतम स्तरीय शिक्षा एवं शोध के दरवाजे खोलने की चाह रही है, बल्कि साथ ही यह सुसंगत तर्क भी रहा है की यदि विश्वविद्घालयो का उद्देश्य उपलब्ध ज्ञान और विज्ञान की संभावना को बढाना और नए ज्ञान की खोज करना है , तो इसके लिए आवश्यक बौद्धिक क्षमता का उपयोग स्थानीय जनजाति के विकास से संबंधित विषय-जनजातीय भाषा , संस्कृति , कला ऐतिहासिक विरासत और नैसर्गिक सम्पदा मे शोध, खोज और उच्च अध्यन के लिए किया जाना अनिवार्य है''। कार्यक्रम काफी सफ़ल रहा. श्री अर्जुन सिंह की गरमामयी उपस्थित ने समारोह को भव्य बना दिया था।
लोकप्रिय नेता
इस समारोह मे भारी सख्या मे लोगो की उपस्थित, श्री अर्जुन सिंह की लोकप्रियता को दर्शा गया। छत्तीसगढ़ के करीबी जिलो,मंडला ,डिडॊरी,शहडोल, अनूपपुर , उमरिया ,सतना, रीवा,सीधी आदि जिलो से जनजातीय व अन्य समुदाय के लोगो की उपस्थिति ही इस बात का प्रतीक हॆ। भारतीय़ जनता पार्टी के स्थानीय़ सांसद, मंत्री के साथ साथ मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ काग्रेस के कद्दावर नेता समारोह मे उपस्थित थे।
कुनबो मे बटी काग्रेस के नजारे भी देखने को मिले
पचॊरी व अजय सिंह के बीच दूरी भी समारोह के बाद देखने को मिली. समारोह के सफलता से उत्पन्य खिन्नता पचॊरी के चेहरे मे साफ नजर आ रही थी . अजय जहा जनता से घिरे नजर आये वही पचॊरी संगठन के चन्द नेताओं के साथ ही दिखे। पचॊरी अभी जनता के बीच उतने जाने पहचाने नही हॆ जितना अजय। अर्जुन सिंह के वापसी के समय पचॊरी समर्थक नेताओं खासकर पार्टी के शहडोल जिलाध्यक्ष राकेश कटारे की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही।
एक अखबार मालिक की राजनीत
समारोह के बाद चाय की मे दुकान मे अखबार पढ़ते पढ़ते एक नेता जी आपे से बाहर हो गए। कारण जानने पर मालुम हुआ कि एक स्थानीय दैनिक समाचार पत्र ने अर्जुन सिंह के आगमन के समय उपस्थित लोगो मे उनका नाम नही छापा था । उनका कहना था कि अखबार का मालिक भी काग्रेसी नेता है , यह अखबार वही लिखता है जो इसका मालिक चाहता है। कोलमाफियाओ के नाम हॆ जो नही थे। वही उपस्थित दूसरे नेता ने कहा वे लोग पॆसा देते हॆ तुमसे क्या मिलेगा।
राम शर्मा

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